12 June, 2017

अनिष्ट ग्रह निवारणके लिए सामान्य उपाय











(Astrological remedies for different Planets)
सूर्य : पिताकी या पितृ तुल्य बड़ों की सेवा करना, संध्या के समय पितृओं का स्मरण के साथ प्रार्थना करना । भगवद गीता का पठन । सोनेके गहने पहनना ।
चन्द्र : माता की या मातृ तुल्य की सेवा करना । रोज़ चाँदी के गिलास में पानी पीना । घरमें गंगाजल छांटना । स्कूल या अस्पतालमें पिने के पानी की परब के लिए दान देना ।
मंगल : भाई की सेवा करना । राष्ट्र की सेवा करना । धरती माताका पूजन या रोज़ नमन । क्षत्रियों का सम्मान करना । धरतीमेसे निकलने वाली सब्ज़ीयों को खाना ।
बुध : बच्चों को बिना पैसे लिए पढ़ाना-अनपढ़ को शिक्षित करना । धन को पानीमें या हाथों में मसलना । कुमारिकाओं को भोजन करवाना ।
गुरू : गुरू की सेवा करना । शास्त्रों का पठन करना । किसी बड़ी धार्मिक संस्थामें दान देना । बड़ों के आशीर्वाद लेना । वेदों का पठन करना ।
शुक्र : हर शुक्रवार को परफ्यूम लगाना । बहन की सेवा करना । गीत संगीत में रूचि पैदा करना । मंत्र तंत्र को जानना - समझना । सुगंधित पदार्थ से संलग्न रहना ।
शनि : ग़रीब की सेवा करना । विकलांग ज़रूरतमंदको दान- पैसे देना । सरसों के तेल का दान करना । ज़रूरतमंद दलितों की मदद करना । न्याय से सतत संलग्न रहना । शनिवार को तामसिक आहारका त्याग करना ।
राहु : किसी ज़रूरतमंद कुटुंब को मदद करना । काली चीज़ों का ग़रीबों को दान करना । हर बुधवार को ख़ुद संडास और बाथरूम साफ़ करना । भिखारी को अन्न खिलाना । गणपति की उपासना ज़्यादा करना ।
केतु : जितना हो सके उतना अध्यात्मवादी बनना । किसी भी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के मंदिर पर धजा चढ़ाना । मोक्ष विषय से संबंधित साहित्य पढ़ना । तंत्र साहित्यमें रूची लेना । अथर्ववेद का पठन करना । धार्मिक स्थलों की यात्रा करना ।